प्रभु सारी दुनियाँ से ऊँची तेरी शान है। कितना महान् है तू कितना महान् है।

 ईश महिमा प्रभु सारी दुनियाँ से ऊँची तेरी शान है।  कितना महान् है तू कितना महान् है। यहाँ वहाँ कोने-कोने तू ही मशहूर है।  निकट से निकट और दूर से भी दूर है।  'तुझमें समाया हुआ सकल जहान है।' कितना महान् है तू कितना महान् है ...... तू ही एक मालिक है सारी कायनात का।  फूलों भरी क्यारियों का तारों की जमात का।  तेरी ही जमीन है यह तेरा आसमान है। कितना महान् है तू कितना महान् है. सबने जो रंक देखे सभी तेरे रंग हैं।  जग में अनेक तेरे पालने के ढंग हैं।  तुझको तो छोटे-बड़े सबका ही ध्यान है। कितना महान् है तू कितना महान् है. जितने भी दुनियाँ में जीव देहधारी हैं।  सभी तेरे प्यार के समान अधिकारी हैं।  'पथिक' सभी को दिया तूने वरदान है। कितना महान् है तू कितना महान् है

इक बार भजन कर ले, मुक्ति का यतन कर ले। कट जायेंगे जनम मरण, प्रभु का चिन्तन कर ले।।

 इक बार भजन कर ले, मुक्ति का यतन कर ले। 

कट जायेंगे जनम मरण, प्रभु का चिन्तन कर ले।।

इक बार भजन कर ले ..........................


यह मानव का चोला, हर बार नहीं मिलता, 

जो गिर गया डाली से, वो फूल नहीं खिलता,

 मौका है ये जीवन का, गुलजार चमन कर ले।।

इक बार भजन कर ले..............................


नर इन कानों से सुन, तू ऋषियों की वाणी,

 मन को ठहरा कर के, बन जा आत्मज्ञानी,

 जिह्वा तो चले मुख में, अब ओ३म् जपन कर ले।।

इक बार भजन कर ले................................


इस मैली चादर में, हैं दाग लगे कितने, 

पर ज्ञान के साबुन में, हैं झाग भरे इतने, 

धुल जाएगी सब स्याही, उजला तन मन कर ले।।

इक बार भजन कर ले. .......,......................


वेदों में गूँज रहीं, मंत्रों की मधुर ध्वनियाँ, 

बलिदान के इस युग में, तू गूंध नई कड़ियाँ, 

अब तो प्रभु के आगे, नीची गर्दन कर ले।।

इक बार भजन कर ले ...................... .. 







टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आर्य समाज में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया बहुत ही सरल और वैदिक परंपराओं के अनुसार होती है।

शुभ विवाह की वर्षगांठ पर, सौ-सौ बार बधाई हो।

वैदिक संस्कृति बनाम बाज़ार संस्कृति

प्रभु जी इतनी सी दया कर दो, हमको भी तुम्हारा प्यार मिले

धर्म किसे कहते है ? क्या हिन्दू, इस्लाम, आदि धर्म है?