आज के अरबपति और स्वयंभू गुरु चाहते हैं कि हिन्दू विचार शून्य बना रहे । इसी कारण हिन्दू युवा नास्तिक हो रहा है ।
*विचारशून्य हिन्दू* आज के अरबपति और स्वयंभू गुरु चाहते हैं कि हिन्दू विचार शून्य बना रहे । इसी कारण हिन्दू युवा नास्तिक हो रहा है । नौकरी चाहिए, व्यापार चाहिए, किसी को संतान चाहिए, तो किसी को बीमारी से छुटकारा । जो हाथ से गया और जो पास में है, वह बचा रहे उसके लिए भी बाबाओं से मन्त्र चाहिए । अंधश्रद्धा की पराकाष्ठा देखिये । नौजवान बेटियों को अकेले इनके आयोजनों तक में भेजने से लोग नहीं हिचकते । सड़क पर हाथ की सफाई दिखाने वाला मदारी और मंच पर हाथ की सफाई दिखाने वाला जादूगर है । परंतु धर्म का चोला पहन कर हाथ की सफाई दिखाने वाला सत्य साई बाबा के नाम से पूजा जाता है और १ लाख करोड़ से अधिक की सम्पत्ति इकठ्ठा करता है । परिणाम - # पॉल दिनाकरण प्रार्थना की ताकत से भक्तों को शारीरिक समस्याओं व दूसरी समस्याओं से छुटकारा दिलाने का दावा करते हैं । वे जिसके लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं, उससे मोटी रकम भी वसूलते हैं । उदाहरण ३००० रुपये में आप अपने बच्चों व परिवार के लिए प्रार्थना करवा सकते हैं । पॉल दिनाकरन, जो कि एक ईसाई प्रेरक हैं, उनकी संपत्ति ५००० करोड़ से ज्यादा...