ईश्वर का शुक्रिया :- करने के लिए निम्नलिखित कारण है :-

*ईश्वर का शुक्रिया :- करने के लिए निम्नलिखित कारण है :-* 1. *टायर चलने पर घिसते हैं, लेकिन पैर के तलवे जीवनभर दौड़ने के बाद भी नए जैसे रहते हैं।*   2. *शरीर 75% पानी से बना है, फिर भी लाखों रोमकूपों के बावजूद एक बूंद भी लीक नहीं होती।*   3. *कोई भी वस्तु बिना सहारे नहीं खड़ी रह सकती, लेकिन यह शरीर खुद को संतुलित रखता है।*   4. *कोई बैटरी बिना चार्जिंग के नहीं चलती, लेकिन हृदय जन्म से लेकर मृत्यु तक बिना रुके धड़कता है।* 5. *कोई पंप हमेशा नहीं चल सकता, लेकिन रक्त पूरे जीवनभर बिना रुके शरीर में बहता रहता है।*   6. *दुनिया के सबसे महंगे कैमरे भी सीमित हैं, लेकिन आंखें हजारों मेगापिक्सल की गुणवत्ता में हर दृश्य कैद कर सकती हैं।*   7. *कोई लैब हर स्वाद टेस्ट नहीं कर सकती, लेकिन जीभ बिना किसी उपकरण के हजारों स्वाद पहचान सकती है।*   8. *सबसे एडवांस्ड सेंसर भी सीमित होते हैं, लेकिन त्वचा हर हल्की-से-हल्की संवेदना को महसूस कर सकती है।*   9. *कोई भी यंत्र हर ध्वनि नहीं निकाल सकता, लेकिन कंठ से हजारों फ्रीक्वेंसी की आवाजें पैदा ...

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 आचार्य श्री प्रेम आर्य

एक भारतीय वैदिक पुरोहित, आध्यात्मिक नेता और कथावाचक हैं। इसके अतिरिक्त, वे आर्य समाज मंदिर, मानपुर, गया जी  के सदस्य हैं ।

नाम - आचार्य श्री प्रेम आर्य 

जन्म स्थान - जनकपुर, गया जी, बिहार 

जन्म तिथि - 01/08/1993

शिक्षा - प्रारम्भिक शिक्षा गया शहर में ही हुआ, तत्पश्चात उच्च शिक्षा - अन्तर्राष्ट्रीय उपदेशक महाविद्यालय टंकारा, राजकोट, गुजरात से प्राप्त किये।

पेशा - वैदिक पुरोहित एवं आध्यात्मिक गुरु 2010 ईस्वी से अबतक।

धर्म - सत्य सनातन वैदिक धर्म  (हिन्दू)। 

बेवसाइट - www.aryasamajmandirpandit.in 



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