प्रभु सारी दुनियाँ से ऊँची तेरी शान है। कितना महान् है तू कितना महान् है।

 ईश महिमा प्रभु सारी दुनियाँ से ऊँची तेरी शान है।  कितना महान् है तू कितना महान् है। यहाँ वहाँ कोने-कोने तू ही मशहूर है।  निकट से निकट और दूर से भी दूर है।  'तुझमें समाया हुआ सकल जहान है।' कितना महान् है तू कितना महान् है ...... तू ही एक मालिक है सारी कायनात का।  फूलों भरी क्यारियों का तारों की जमात का।  तेरी ही जमीन है यह तेरा आसमान है। कितना महान् है तू कितना महान् है. सबने जो रंक देखे सभी तेरे रंग हैं।  जग में अनेक तेरे पालने के ढंग हैं।  तुझको तो छोटे-बड़े सबका ही ध्यान है। कितना महान् है तू कितना महान् है. जितने भी दुनियाँ में जीव देहधारी हैं।  सभी तेरे प्यार के समान अधिकारी हैं।  'पथिक' सभी को दिया तूने वरदान है। कितना महान् है तू कितना महान् है

प्रभु जी इतनी सी दया कर दो, हमको भी तुम्हारा प्यार मिले

 प्रार्थना


प्रभु जी इतनी सी दया कर दो, हमको भी तुम्हारा प्यार मिले।

कुछ और भले ही मिले न मिले, प्रभु दर्शन का अधिकार मिले । ।

1 ।।


जिस जीवन में जीवन ही नहीं, वह जीवन भी क्या जीवन है।

जीवन तब जीवन बनता है, जब जीवन का आधार मिले।।2।।

प्रभु जी इतनी सी दया कर दो......................


सब कुछ पाया इस जीवन में, बस एक तमन्ना बाकी है।

हर प्रेम पुजारी के अपने, मन मंदिर में दातार मिले।।3।।

प्रभु जी इतनी सी दया कर दो.............


जिसने तुमसे जो कुछ मांगा, उसने ही वही तुम से पाया। 

दुनिया को मिले दुनिया लेकिन, भक्तों को तेरा दरबार मिले।।4।।

प्रभु जी इतनी सी दया कर दो..........


हम जन्म जन्म के प्यासे हैं, और तुम करुणा के सागर हो।

करुणानिधि से करुणा रस की, एक बूँद हमें इक बार मिले। ।5।।

प्रभु जी इतनी सी दया कर दो..............


कब से प्रभु दर्शन पाने की, हम आस लगाए बैठे हैं।

पल दो पल भीतर आने की, अनुमति अनुपम सरकार मिले। ।6।।

प्रभु जी इतनी सी दया कर दो..........


इस मार्ग पर चलते-चलते, सदियाँ ही नहीं युग बीत गए।

मिल जाए 'पथिक' मंजिल अपनी, हमको भी तुम्हारा द्वार मिले। ।7।।

प्रभु जी इतनी सी दया कर दो.......................

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