ईश्वर का शुक्रिया :- करने के लिए निम्नलिखित कारण है :-

*ईश्वर का शुक्रिया :- करने के लिए निम्नलिखित कारण है :-* 1. *टायर चलने पर घिसते हैं, लेकिन पैर के तलवे जीवनभर दौड़ने के बाद भी नए जैसे रहते हैं।*   2. *शरीर 75% पानी से बना है, फिर भी लाखों रोमकूपों के बावजूद एक बूंद भी लीक नहीं होती।*   3. *कोई भी वस्तु बिना सहारे नहीं खड़ी रह सकती, लेकिन यह शरीर खुद को संतुलित रखता है।*   4. *कोई बैटरी बिना चार्जिंग के नहीं चलती, लेकिन हृदय जन्म से लेकर मृत्यु तक बिना रुके धड़कता है।* 5. *कोई पंप हमेशा नहीं चल सकता, लेकिन रक्त पूरे जीवनभर बिना रुके शरीर में बहता रहता है।*   6. *दुनिया के सबसे महंगे कैमरे भी सीमित हैं, लेकिन आंखें हजारों मेगापिक्सल की गुणवत्ता में हर दृश्य कैद कर सकती हैं।*   7. *कोई लैब हर स्वाद टेस्ट नहीं कर सकती, लेकिन जीभ बिना किसी उपकरण के हजारों स्वाद पहचान सकती है।*   8. *सबसे एडवांस्ड सेंसर भी सीमित होते हैं, लेकिन त्वचा हर हल्की-से-हल्की संवेदना को महसूस कर सकती है।*   9. *कोई भी यंत्र हर ध्वनि नहीं निकाल सकता, लेकिन कंठ से हजारों फ्रीक्वेंसी की आवाजें पैदा ...

आर्य समाज में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया बहुत ही सरल और वैदिक परंपराओं के अनुसार होती है।

 



आर्य समाज में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया बहुत ही सरल और वैदिक परंपराओं के अनुसार होती है। यहाँ कुछ मुख्य बातें हैं 


मृतक को स्नान कराना 

मृतक को गंगाजल या स्वच्छ जल से स्नान कराया जाता है।


- *वस्त्र पहनाना*: मृतक को स्वच्छ वस्त्र पहनाए जाते हैं।

- *अर्थी पर रखना*: मृतक को बांस की अर्थी पर लिटाया जाता है और सफेद वस्त्र से ढक दिया जाता है।


- *मंत्र उच्चारण*: आर्य समाज के लोग वेदों के आधार पर मंत्र उच्चारण करते हुए समसान घाट पर जाते हैं।

- *दाह संस्कार*: मृतक का दाह संस्कार किया जाता है।

और साथ में सुगन्धित सामग्री से वेद मंत्रों द्वारा आहुति भी दी जाती है।


- *अस्थियां एकत्रित करना*: दाह संस्कार के बाद अस्थियों को एकत्रित किया जाता है । 


- *श्राद्ध कर्म*: आर्य समाज में श्राद्ध कर्म नहीं किया जाता है, बल्कि जीवित रहते ही माता-पिता और गुरुओं की सेवा करना ही सच्ची श्रद्धा माना जाता है।


आर्य समाज के अनुसार, मृत्यु के बाद शोक मनाने के बजाय जितनी जल्दी हो सके सामान्य जीवन में लौट जाना चाहिए। इसीलिए आर्य समाज में तीसरे दिन ही शांति पाठ सम्पन्न करा दिया जाता है।

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