वेदों में, ईश्वर को *दयालु एवं न्यायकारी* कहा गया है ।

 वेदों में, ईश्वर को *दयालु एवं न्यायकारी* कहा गया है । ईश्वर दयालु इसलिए है कि वे प्रत्येक उस व्यक्ति को उसके द्वारा किये गये पाप कर्म का दण्ड अवश्य देते हैं, जिससे वह व्यक्ति आगे उस पाप कर्म को न करे ।  इसे दयालुता ही तो कहेगें, नहीं तो पापी व्यक्ति को दण्ड ना मिले तो दिन-प्रतिदिन बड़े से बड़ा पाप करने में वह सलंग्न रहेगा, जिससे की सम्पूर्ण सामाजिक व्यवस्था नष्ट हो जायेगी ।  और न्यायकारी इसलिए कहा गया है कि किसी को भी उतना ही दण्ड मिलता है, जितने उसने पाप किया है | आज कुछ अज्ञानियों ने ईश्वर की न्याय व्यवस्था को न समझ कर शनि की मूर्ति पर तेल चढ़ाने से पापों का क्षमा होना प्रचारित कर दिया है । यह ना केवल ईश्वर की कर्म फल व्यवस्था का अपमान है, अपितु अपने आपको भी मुर्खता के घोर अंधकार में रखने के समान है । तेल चढ़ाने से ना तो कोई पाप कर्म क्षमा होता है, और ना ही अपने द्वारा किये गये पापों के कारण मिलने वाले दण्ड से मनुष्य बच पाता है । आप अपनी तर्कशील बुद्धि का प्रयोग कर स्वयं निर्णय करें कि वे सत्य का वरण करना चाहेगें, अथवा असत्य का वरण करना चाहेगें । और यही सत्यार्थ प्रकाश का...

भगवान तुम्हारे दर पे भक्त आन खड़े हैं

 भगवान तुम्हारे दर पे भक्त आन खड़े हैं

संसार के बंधन से परेशान खड़े हैं, परेशान खड़े हैं
ओ मालिक मेरे ओ मालिक मेरे)- 2

१. संसार के निराले कलाकार तुम्ही हो,
सब जीव जंतुओं के सृजनहार तुम्हीं हो
हम प्रभुका मन में लिए ध्यान खड़े हैं ....
संसार के बंधन...

२. तुम वेद ज्ञान दाता,पिताओं के पिता हो
वह राज कौन सा है, जो तुमसे छिपा हो
हम तो हैं अनाड़ी बालक बिना ज्ञान खड़े हैं
संसार के बंधन...

३. सुनकर विनय हमारी स्वीकार करोगे
मंझधार में है नैया प्रभु पार करोगे
हर कदम कदम पर आके ये तूफान खड़े हैं
संसार के बंधन...
४.दुनिया में आप जैसा कहीं ओर नहीं है
इस ठौर के बराबर कहीं ठौर नहीं है
अपनी तो पथिक यह मंजिल जो पहचान खड़े हैं
संसार के बंधन....

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वैदिक संस्कृति बनाम बाज़ार संस्कृति

आर्य समाज में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया बहुत ही सरल और वैदिक परंपराओं के अनुसार होती है।

शुभ विवाह की वर्षगांठ पर, सौ-सौ बार बधाई हो।

प्रभु जी इतनी सी दया कर दो, हमको भी तुम्हारा प्यार मिले

धर्म किसे कहते है ? क्या हिन्दू, इस्लाम, आदि धर्म है?