ईश्वर का शुक्रिया :- करने के लिए निम्नलिखित कारण है :-

*ईश्वर का शुक्रिया :- करने के लिए निम्नलिखित कारण है :-* 1. *टायर चलने पर घिसते हैं, लेकिन पैर के तलवे जीवनभर दौड़ने के बाद भी नए जैसे रहते हैं।*   2. *शरीर 75% पानी से बना है, फिर भी लाखों रोमकूपों के बावजूद एक बूंद भी लीक नहीं होती।*   3. *कोई भी वस्तु बिना सहारे नहीं खड़ी रह सकती, लेकिन यह शरीर खुद को संतुलित रखता है।*   4. *कोई बैटरी बिना चार्जिंग के नहीं चलती, लेकिन हृदय जन्म से लेकर मृत्यु तक बिना रुके धड़कता है।* 5. *कोई पंप हमेशा नहीं चल सकता, लेकिन रक्त पूरे जीवनभर बिना रुके शरीर में बहता रहता है।*   6. *दुनिया के सबसे महंगे कैमरे भी सीमित हैं, लेकिन आंखें हजारों मेगापिक्सल की गुणवत्ता में हर दृश्य कैद कर सकती हैं।*   7. *कोई लैब हर स्वाद टेस्ट नहीं कर सकती, लेकिन जीभ बिना किसी उपकरण के हजारों स्वाद पहचान सकती है।*   8. *सबसे एडवांस्ड सेंसर भी सीमित होते हैं, लेकिन त्वचा हर हल्की-से-हल्की संवेदना को महसूस कर सकती है।*   9. *कोई भी यंत्र हर ध्वनि नहीं निकाल सकता, लेकिन कंठ से हजारों फ्रीक्वेंसी की आवाजें पैदा ...

कण-कण में जो रमा है, हर दिल में है समाया। उसकी उपासना ही कर्त्तव्य है बताया।।

 ईश महिमा


कण-कण में जो रमा है, हर दिल में है समाया। 

उसकी उपासना ही कर्त्तव्य है बताया।।


दिल सोचता है खुद वो, कितना महान होगा।

 इतना महान जिसने, संसार है बनाया।।

कण-कण में जो रमा है.............


देखो ये तन के पुर्जे, करते हैं काम कैसे। 

जोड़ों के बीच कोई, कब्जा नहीं लगाया।।

कण-कण में जो रमा है............


इक पल में रोशनी से, सारा जहान चमका।

 सूरज का एक दीपक, आकाश में जलाया।।

कण-कण में जो रमा है..........


अब तक यह गोल धरती, चक्कर लगा रही है। 

फिरकी बना के कैसी, तरकीब से घुमाया।।

कण-कण में जो रमा है.................


कठपुतलियों का हम ने, देखो अजब तमाशा। 

छुप कर किसी ने सब को, संकेत से नचाया।।

कण-कण में जो रमा है............


हर वक्त बन के साथी, रहता है साथ सब के। 

नादान 'पथिक' उसको, तू जानने ना पाया।।

कण-कण में जो रमा है.........



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