प्रभु सारी दुनियाँ से ऊँची तेरी शान है। कितना महान् है तू कितना महान् है।

 ईश महिमा प्रभु सारी दुनियाँ से ऊँची तेरी शान है।  कितना महान् है तू कितना महान् है। यहाँ वहाँ कोने-कोने तू ही मशहूर है।  निकट से निकट और दूर से भी दूर है।  'तुझमें समाया हुआ सकल जहान है।' कितना महान् है तू कितना महान् है ...... तू ही एक मालिक है सारी कायनात का।  फूलों भरी क्यारियों का तारों की जमात का।  तेरी ही जमीन है यह तेरा आसमान है। कितना महान् है तू कितना महान् है. सबने जो रंक देखे सभी तेरे रंग हैं।  जग में अनेक तेरे पालने के ढंग हैं।  तुझको तो छोटे-बड़े सबका ही ध्यान है। कितना महान् है तू कितना महान् है. जितने भी दुनियाँ में जीव देहधारी हैं।  सभी तेरे प्यार के समान अधिकारी हैं।  'पथिक' सभी को दिया तूने वरदान है। कितना महान् है तू कितना महान् है

अच्छी लगती अँग्रेजी पर हिन्दी से परहेज है;


अच्छी लगती अँग्रेजी पर हिन्दी से परहेज है;

बन गये सब अंगरेज  हैं..

खाली खोखला प्रेम दिखाते, भरा अहम लबरेज है;

बन गये सब अंगरेज हैं..


अपने देश मे अपनी भाषा बोलने की आज़ादी है;

इसमें भी कैसी खुन्दस और कैसी भई नाराजी है;

नहीं बोलने देंगे हिन्दी ये कैसा बंधेज है..


हावी अँग्रेजी हमसब पर लेकिन किसी को नहीं दिखता;

उसे रोकने को भी कोई जरा शिकंजा नहीं कसता;

खूब  बोलते  अँग्रेजी दफ्तर स्कूल कॉलेज है..


भिन्न-भिन्न भाषाएँ संस्कृति,मिलजुल यह देश रहा;

नतमस्तक हो आदर करता, प्रेम  भरा  संदेश  रहा;

एक सूत्र में राष्ट्र को जोड़े, हिन्दी की यही इमेज है..


भाषा माँ के जैसी होती, इसमें कोई संदेह नहीं;

एक कुटुंब की आर्य भाषाएँ, फिर 

रखते नेह नहीं; 

हिन्दी सब के मिलन का साधन, केवल यह मैसेज है..


तर्ज़ : ओ३म् नाम का सुमिरन कर ले

 

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