मैं नहीं, मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया जो भी अपने पास है, वो धन किसी का है दिया

 मैं नहीं, मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया जो भी अपने पास है, वो धन किसी का है दिया देने वाले ने दिया, वो भी दिया किस शान से मेरा है ये लेने वाला, कह उठा अभिमान से मैं - मेरा यह कहने वाला, मन किसी का है दिया मैं नहीं, मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया जो भी अपने पास है, वो धन किसी का है दिया जो मिला है वो हमेशा, पास रह सकता नहीं कब बिछुड़ जाये ये कोई, राज कह सकता नहीं जिन्दगानी का खिला, मधुवन किसी का है दिया मैं नहीं, मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया जो भी अपने पास है, वो धन किसी का है दिया जग की सेवा, खोज अपनी, प्रीति उनसे कीजिये जिन्दगी का राज है ये, जान कर जी लीजिये साधना की राह पर, साधन किसी का है दिया मैं नहीं, मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया जो भी अपने पास है, वो धन किसी का है दिया

हो जायें बन्द आँखें प्रभु ध्यान करते करते

 🙏 *आज का वैदिक भजन* 🙏 00123  

ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् 

ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् 


हो जायें बन्द आँखें 

प्रभु ध्यान करते करते 

अमृत बहाये वाणी 

गुण गान करते करते


हो जायें बन्द आँखें 

प्रभु ध्यान करते करते 

ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् 

ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् 


अपना मैं आप खो दूँ 

तन की भी सुध रहे ना 

हृदय रिझायें प्रभु को 

मधु पान करते करते 


हो जायें बन्द आँखें 

प्रभु ध्यान करते करते 

ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् 

ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् 


सत्य भाव की तरंगे 

अन्तराल से निकले 

हो जायें मौन मन भी 

तेरा मान करते करते 


हो जायें बन्द आँखें 

प्रभु ध्यान करते करते 

ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् 

ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् 


चित्त में रहे स्मृति 

प्रभु नाम की रटन हो 

हर्षाये मेरा अङ्ग अङ्ग 

नव ज्ञान भरते भरते 


हो जायें बन्द आँखें 

प्रभु ध्यान करते करते 

ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् 

ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् 


दिव्य ज्योति हो निराली 

ब्रह्म घाम हो घर मेरा 

जब जायें प्राण तन से 

प्रभु नाम रटते रटते 


हो जायें बन्द आँखें 

प्रभु ध्यान करते करते 

अमृत बहाये वाणी 

गुण गान करते करते


हो जायें बन्द आँखें 

प्रभु ध्यान करते करते

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