मैं नहीं, मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया जो भी अपने पास है, वो धन किसी का है दिया

 मैं नहीं, मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया जो भी अपने पास है, वो धन किसी का है दिया देने वाले ने दिया, वो भी दिया किस शान से मेरा है ये लेने वाला, कह उठा अभिमान से मैं - मेरा यह कहने वाला, मन किसी का है दिया मैं नहीं, मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया जो भी अपने पास है, वो धन किसी का है दिया जो मिला है वो हमेशा, पास रह सकता नहीं कब बिछुड़ जाये ये कोई, राज कह सकता नहीं जिन्दगानी का खिला, मधुवन किसी का है दिया मैं नहीं, मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया जो भी अपने पास है, वो धन किसी का है दिया जग की सेवा, खोज अपनी, प्रीति उनसे कीजिये जिन्दगी का राज है ये, जान कर जी लीजिये साधना की राह पर, साधन किसी का है दिया मैं नहीं, मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया जो भी अपने पास है, वो धन किसी का है दिया

भला किसी का कर ना सको तो, बुरा किसी का मत करना पुष्प नहीं बन सकते तो तुम, काँटे बन कर मत रहना

 🙏 *आज का वैदिक भजन* 🙏 00124

भला किसी का कर ना सको तो, 

बुरा किसी का मत करना

पुष्प नहीं बन सकते तो तुम,

काँटे बन कर मत रहना


_बन ना सको भगवान् अगर तुम,_ *(1)*

कम से कम इंसान बनो

_नहीं कभी शैतान बनो तुम,_ *(2)* 

नहीं कभी हैवान बनो

सदाचार अपना न सको तो, 

पापों में पग मत धरना

पुष्प नहीं बन सकते तो तुम,

काँटे बन कर मत रहना


सत्य वचन ना बोल सको तो, 

झूठ कभी भी मत बोलो

मौन रहो तो ही अच्छा, 

कम से कम विष तो मत घोलो

बोलो यदि पहले तुम तोलो, 

फिर मुँह को खोला करना

पुष्प नहीं बन सकते तो तुम, 

काँटे बन कर मत रहना


घर ना किसी का बसा सको तो, 

झोपड़ियाँ ना जला देना

मरहम पट्टी कर ना सको तो, 

घाव नमक ना लगा देना

दीपक बन कर जल ना सको तो,

अँधियारा भी मत करना 

पुष्प नहीं बन सकते तो तुम, 

काँटे बन कर मत रहना


सच्चाई की राह में बेशक 

कष्ट अनेकों मिलते हैं 

पर काँटों के बीच में देखो 

फूल हमेशा खिलते हैं 

सूरज की भाँति खुद जल कर 

सब जग को रोशन करना 

पुष्प नहीं बन सकते तो तुम, 

काँटे बन कर मत रहना


भला किसी का कर ना सको तो, 

बुरा किसी का मत करना

पुष्प नहीं बन सकते तो तुम,

काँटे बन कर मत रहना



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