मैं नहीं, मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया जो भी अपने पास है, वो धन किसी का है दिया

 मैं नहीं, मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया जो भी अपने पास है, वो धन किसी का है दिया देने वाले ने दिया, वो भी दिया किस शान से मेरा है ये लेने वाला, कह उठा अभिमान से मैं - मेरा यह कहने वाला, मन किसी का है दिया मैं नहीं, मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया जो भी अपने पास है, वो धन किसी का है दिया जो मिला है वो हमेशा, पास रह सकता नहीं कब बिछुड़ जाये ये कोई, राज कह सकता नहीं जिन्दगानी का खिला, मधुवन किसी का है दिया मैं नहीं, मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया जो भी अपने पास है, वो धन किसी का है दिया जग की सेवा, खोज अपनी, प्रीति उनसे कीजिये जिन्दगी का राज है ये, जान कर जी लीजिये साधना की राह पर, साधन किसी का है दिया मैं नहीं, मेरा नहीं, ये तन किसी का है दिया जो भी अपने पास है, वो धन किसी का है दिया

प्रभु तेरी भक्ति का वर मांगते हैं। झुके तेरे दर पे वो सर मांगते हैं।।

 प्रभु तेरी भक्ति का वर मांगते हैं।

 झुके तेरे दर पे वो सर मांगते हैं।।

बुरे भाव से जो न देखे किसी को।

 हम आँखों में ऐसी नजर मांगते हैं।।

प्रभु तेरी भक्ति का...........


पड़े अगर मुसीबत न झोली पसारें।

हम हाथों में ऐसा हुनर मांगते हैं।। 

पुकारे कोई दीन अबला हमें गर। 

घड़ी पल में पहुँचे वो वर मांगते हैं।।

प्रभु तेरी भक्ति का.............


जो बेताब जुल्म और सितम देखकर हो। 

तड़पता हुआ वो जिगर मांगते हैं।। 

दुःखी या अनाथों की सेवा हो जिससे । 

प्रभु अपने घर ऐसा जर मांगते हैं।।

प्रभु तेरी भक्ति का.............

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