प्रभु सारी दुनियाँ से ऊँची तेरी शान है। कितना महान् है तू कितना महान् है।

 ईश महिमा प्रभु सारी दुनियाँ से ऊँची तेरी शान है।  कितना महान् है तू कितना महान् है। यहाँ वहाँ कोने-कोने तू ही मशहूर है।  निकट से निकट और दूर से भी दूर है।  'तुझमें समाया हुआ सकल जहान है।' कितना महान् है तू कितना महान् है ...... तू ही एक मालिक है सारी कायनात का।  फूलों भरी क्यारियों का तारों की जमात का।  तेरी ही जमीन है यह तेरा आसमान है। कितना महान् है तू कितना महान् है. सबने जो रंक देखे सभी तेरे रंग हैं।  जग में अनेक तेरे पालने के ढंग हैं।  तुझको तो छोटे-बड़े सबका ही ध्यान है। कितना महान् है तू कितना महान् है. जितने भी दुनियाँ में जीव देहधारी हैं।  सभी तेरे प्यार के समान अधिकारी हैं।  'पथिक' सभी को दिया तूने वरदान है। कितना महान् है तू कितना महान् है

ओ३म् है जीवन हमारा, ओ३म् प्राणाधार है।

 ओ३म् महिमा


ओ३म् है जीवन हमारा, ओ३म् प्राणाधार है।

 ओ३म् है कर्ता विधाता, ओ३म् पालनहार है।।


ओ३म् है दुःख का विनाशक, ओ३म् सर्वानन्द है। 

ओ३म् है बल तेजधारी, ओ३म् करुणाकन्द है।।


ओ३म् सबका पूज्य है, हम ओ३म् का पूजन करें। 

ओ३म् ही के ध्यान से, हम शुद्ध अपना मन करें।।


ओ३म् के गुरुमंत्र जपने से, रहेगा शुद्ध मन। 

बुद्धि दिन-प्रतिदिन बढ़ेगी, धर्म में होगी लगन।।


ओ३म् के जप से हमारा, ज्ञान बढ़ता जाएगा।

 अन्त में यह ओ३म् हमको मुक्ति तक पहुँचाएगा ।।



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